Rishikesh Kanwar Yatra: उत्तराखंड के ऋषिकेश में कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं. रामझूला पुल पर मरम्मत कार्य जारी रहने और लक्ष्मण झूला पहले से बंद होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की आवाजाही नए वैकल्पिक मार्गों से कराई जाएगी. प्रशासन ने यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है.
यात्रा के दौरान श्रद्धालु मुख्य रूप से बजरंग सेतु, जानकी सेतु और गरुड़ चट्टी पुल का उपयोग करेंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बजरंग सेतु का ग्लास वॉक वाला हिस्सा फिलहाल आम लोगों के लिए बंद रहेगा, जबकि पैदल मार्ग से आवागमन सामान्य रूप से जारी रहेगा. वहीं जानकी सेतु को भी यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए पूरी तरह संचालित रखा जाएगा.
तीन जिलों का प्रशासन संभालेगा व्यवस्थाकांवड़ यात्रा को लेकर टिहरी, देहरादून और पौड़ी प्रशासन ने संयुक्त रूप से सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने का फैसला किया है. तीनों जिलों के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय रहेगा ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके. भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और पूरे यात्रा मार्ग पर निगरानी बढ़ाई जाएगी.
ड्रोन-सीसीटीवी से होगी निगरानीश्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रमुख मार्गों, घाटों और पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी. कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी. आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है.
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपीलजिलाधिकारी निकिता खंडेलवाल ने बताया कि यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से कुछ व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, ताकि ऋषिकेश से होकर गुजरने वाली कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.