आज के समय में लैपटॉप सिर्फ ऑफिस के काम तक सीमित नहीं रह गया है. पढ़ाई, ऑनलाइन मीटिंग, फिल्में देखने और दूसरे कई कामों के लिए इसका करोड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में कई बार मोबाइल चार्जर पास नहीं होने पर लोग फोन को लैपटॉप के USB पोर्ट से चार्ज कर लेते हैं, लेकिन क्या ये तरीका मोबाइल को चार्ज करने का सेफ है? आइए समझते हैं मोबाइल और लैपटॉप के बीच इस क्नेक्शन को.
अगर आपका लैपटॉप सही तरीके से काम कर रहा है और आप अच्छी क्वालिटी की USB केबल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो लैपटॉप से फोन चार्ज करना आमतौर पर सेफ माना जाता है. हालांकि, इसकी चार्जिंग स्पीड दीवार के चार्जर (Wall Charger) की कंपैरिजन में कम होती है, क्योंकि ज्यादातर USB पोर्ट चार्जर के मुकाबले कम देते हैं. यही वजह है कि फोन को फुल चार्ज होने में ज्यादा टाइम लग जाता है.
फोन को कोई बड़ा नुकसान नहीं होताहालांकि आज के समय में ज्यादातर स्मार्टफोन में ऐसी टेक्नोलॉजी आ गई है . जिससे ओवरचार्जिंग और ज्यादा करंट से हमारी बैटरी सेफ रहती है. इसलिए आज के समय में नॉर्मल सिचुएशन में लैपटॉप से चार्ज करने से फोन को कोई बड़ा नुकसान नहीं होता.
कब होता है खतराहालांकि, सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब आप किसी अनजान या चुपके-चुपके फोन की बैटरी खा रहे हैं Google के ये Apps, तुरंत चेक करें लिस्ट