आपको बता दें कि, इस बार अवार्ड शो में 20 नई गाड़ियों में से बड़ी संख्या इलेक्ट्रिक वाहनों की है. अब ईवी केवल कुछ लोगों का विकल्प नहीं रह गई हैं. बल्कि वे मेनस्ट्रीम के ऑटो बाजार में अपनी मजबूत धाक जमा चुकी हैं. कम रनिंग कॉस्ट और आकर्षक फ्यूचरिस्टिक डिजाइन के चलते आम कार खरीदार अब तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ रुख कर रहे हैं.
बाजार के इस बढ़ते ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए एबीपी लाइव ऑटो अवार्ड्स ने इस साल अपनी EV कैटेगरी का दायरा भी काफी बढ़ा दिया है. विजेताओं को चुनते समय केवल सिंगल-चार्ज ड्राइविंग रेंज पर ही नहीं, बल्कि वैल्यू फॉर मनी और रोजमर्रा के इस्तेमाल जैसे अहम पैमानों पर भी गहराई से परखा गया है.

बता दें कि, इलेक्ट्रिक के साथ-साथ सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों ने भी बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है. पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सीएनजी न सिर्फ स्वच्छ विकल्प है बल्कि डेली उपयोग के मामले में बेहद किफायती भी साबित हो रही है. एक तरफ जहां डीजल गाड़ियों की लोकप्रियता और मांग में लगातार गिरावट देखी जा रही है.
वहीं दूसरी तरफ सीएनजी और ईवी जैसी वैकल्पिक ऊर्जा तकनीकें देश के कुल ईंधन बिल को घटाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं. आज के नतीजों में यह साफ देखने को मिलेगा कि जज ने पर्यावरण सुरक्षा और आम आदमी की जेब दोनों का ध्यान रखने वाली गाड़ियों को कितना तवज्जो दिया है. आज यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि कार ऑफ द ईयर और बाइक ऑफ द ईयर का प्रतिष्ठित खिताब किस कंपनी के सिर सजता है.