कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारत ने अब तक कुल सात स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। जूडो और पैरा एथलीटों ने भी इस प्रतियोगिता में नई ऊंचाइयों को छुआ। शनिवार का दिन भारत के लिए विशेष रूप से यादगार रहा, जब देश ने 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं।
भारत अब पदक तालिका में चौथे स्थान पर है। आस्ट्रेलिया ने 61 स्वर्ण पदक जीते हैं, जबकि इंग्लैंड और कनाडा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। प्रारंभ में भारत 10वें स्थान पर था, लेकिन मुक्केबाजी में 7 स्वर्ण पदकों ने स्थिति में सुधार किया। भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में अपने प्रतिद्वंद्वियों को कोई मौका नहीं दिया।
महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। जैसमीन लंबोरिया (57 किलो), प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो), अरुंधति चौधरी (70 किलो) और प्रिया घंघास (60 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते। कुल मिलाकर, मुक्केबाजी में भारत को 7 स्वर्ण पदक मिले।
ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने भी स्वर्ण पदक जीते। जादूमणि सिंह (55 किलो) और नरेंद्र बेरवाल (90 किलो से अधिक) ने रजत पदक हासिल किए।
जूडो में भारत का अभियान शानदार रहा है। उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो जूडो में भारत का चौथा पदक है। हर्ष सिंह (पुरुष 60 किलो) और अस्मिता डे (महिला 48 किलो) ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। यामिनी मौर्य ने 57 किलो वर्ग में रजत पदक जीता।
पैरा गोला फेंक (शॉट पुट) में सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीता। ट्रिपल जंपिंग में प्रवीण चित्रावेल ने रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक हासिल किया। गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। वह एक ही खेलों में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। रविवार को खेलों का अंतिम दिन है, और भारत के पास और पदक जीतने का अच्छा अवसर है।