सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ की चोरी, मनसे चीफ राज ठाकरे का बड़ा दावा, ट्रस्ट ने आरोपों को किया खारिज
TV9 Bharatvarsh August 02, 2026 03:43 PM

देश में पिछले कुछ समय से अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी का मामला सुर्खियों में बना हुआ है. वहीं उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई, जिससे तमाम तरह के सवाल खड़े रहो रहे हैं. इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में भी जुबानी जंग जारी है. इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने दावा किया है कि मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपए का दान गबन किया जा रहा है.

राज ठाकरे ने शनिवार (1 अगस्त) को मुंबई में अपनी पार्टी की छात्र इकाई की 20वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में सिद्धिविनायक मंदिर की दान पेटी से कथित तौर पर 18 करोड़ रुपए की चोरी का मुद्दा उठाया.. ठाकरे ने कहा कि इन दिनों मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हताश युवा मंदिरों का दौरा करते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं.ॉ

‘राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपए की चोरी हुई’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपए की चोरी हुई है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार के सभी नेता चुप हैं. उन्होंने कहा ‘प्रधानमंत्री मोदी, जिन्होंने अकेले राम मंदिर निर्माण के दौरान सभी अनुष्ठान किए, उन्होंने इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहा है’.

‘सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्टियों ने लिखा पत्र’

उन्होंने दावा किया कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने ट्रस्टियों के द्वारा लिखे गए पत्र को पढ़कर सुनाते हुए कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर के दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया. उन्होंने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्टियों ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मंदिर के चंदे की लूट की जांच की मांग की है.

‘मंदिर के कर्मचारी चोरी में शामिल थे’

एमएनएस प्रमुख ने कहा कि पत्र में दावा किया गया है कि मंदिर के कर्मचारी चोरी में शामिल थे. उन्होंने कहा ‘इन कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद दान की औसत राशि में काफी वृद्धि हुई है. उनके पत्र के अनुसार, प्रति वर्ष लगभग 18 करोड़ रुपS की लूट हो रही थी. इसकी निष्पक्ष जां जांच होनी चाहिए’.

ट्रस्ट के अध्यक्ष ने आरोपों का किया खंडन

हालांकि, ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सर्वंकर ने इन आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने पत्र का गलत अर्थ निकाला है. उन्होंने कहा ’18 करोड़ रुपए के घोटाले की कोई शिकायत नहीं थी. हमें पता चला कि कुछ कर्मचारी दान का गबन कर रहे हैं, जिसके बाद हमने 9 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की.

सदा सर्वंकर ने कहा कि हमने जहां भी जरूरत पड़ी, मामले दर्ज किए हैं. उन्होंने कहा हमने उन कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जो भक्तों से जल्दी दर्शन कराने के लिए पैसे ले रहे थे. उन्होंने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर के प्रबंधन में सुधार और सुधारों के कारण पिछले दो साल में दान में वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि मंदिर की आय दो साल पहले के 114 करोड़ रुपए से बढ़कर 182 करोड़ रुपए हो गई है.

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