घर में सो रही महिला को उठा ले गया, शोर मचाने पर भागा… बालाघाट में बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत
TV9 Bharatvarsh August 02, 2026 11:43 PM

Balaghat Tiger Attack: मध्य प्रदेश के बालाघाट में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से लगे बैहर क्षेत्र के ग्राम पर्रापुर बैगाटोला में रविवार तडक़े एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. घर में परिवार के साथ सो रही 45 वर्षीय महिला को बाघ ने घर के भीतर घुसकर अपना शिकार बना लिया. गंभीर रूप से घायल महिला को परिजन रात में ही अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को तत्काल पकडऩे की मांग की है.

जानकारी के अनुसार, ग्राम पर्रापुर बैगाटोला निवासी सुगनी बाई धुर्वे (45 वर्ष), पति बुधराम धुर्वे शनिवार रात भोजन करने के बाद अपने परिवार के साथ घर में सो रही थीं. रात करीब डेढ़ बजे जंगल से भटककर एक बाघ उनके घर में घुस आया. बताया जा रहा है कि घर में दरवाजा नहीं लगा था, जिसका फायदा उठाकर बाघ अंदर पहुंच गया. सोते समय ही उसने सुगनी बाई पर हमला कर दिया और उन्हें मुंह में दबाकर घर से बाहर ले जाने लगा.

घर में सो रही महिला पर किया हमला

परिजन महिला दसौंधी ने बताया कि मेरे जेठ जेठानी सोये हुए थे, तभी रात 1 बजे करीब शेर घर में आया और जेठानी को उठा ले गया, घर पर सभी सोए हुए थे. अचानक हुए हमले से परिवार के लोग घबरा कर जाग गए. उन्होंने शोर मचाया, टॉर्च जलाकर बाघ का पीछा किया और आसपास के ग्रामीणों को भी आवाज लगाई. बताया जा रहा है कि घर से कुछ दूरी पर दलदली क्षेत्र में बाघ फंस गया. लोगों की चीख-पुकार और बढ़ती हलचल से घबराकर उसने महिला को वहीं छोड़ दिया और जंगल की ओर भाग गया.

घायल महिला ने तोड़ा दम

परिजन गंभीर रूप से घायल सुगनी बाई को तत्काल बैहर के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. बीएमओ डॉ. अनंत लिल्हारे ने बताया कि बाघ ने महिला के सिर पर बेहद गंभीर हमला किया था. सिर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. इस दौरान गांव में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए. आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल आर्थिक सहायता की मांग करते हुए शव को एंबुलेंस से उतारने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि परिवार को तुरंत 50 हजार रुपये की राहत राशि दी जाए. वन विभाग ने तत्काल 5 हजार रुपये की सहायता प्रदान की और मृतका के एक पुत्र को नौकरी दिलाने के लिए प्रयास करने तथा शासन के नियमानुसार 8 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया. इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी.

बाघ को पकड़ने की ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग एक महीने से बाघ गांव के आसपास लगातार दिखाई दे रहा है. इस दौरान वह कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है, लेकिन वन विभाग द्वारा उसे पकडऩे के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. अब इंसानी जान जाने के बाद गांव में भय का माहौल है. ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव के आसपास तत्काल पिंजरा लगाया जाए और बाघ को पकडक़र सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए. वन विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि रात में घरों के दरवाजे बंद रखें, बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें तथा जंगल की ओर जाने से बचें. साथ ही प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है.

बाघ को पकड़ने में जुटी टीम

बफर जोन के एसडीओ सुनील पंद्रे ने बताया कि बाघ ने मकान में घुसकर महिला पर हमला किया था और उसे बाहर ले जाने का प्रयास किया. ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि मृतका के परिजनों को शासन के नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. साथ ही पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है.

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