मुंबई:भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 23जनवरी 2026,को अडानी ग्रुप के शेयरों में भूचाल आ गया। ग्रुप की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई,जिसके चलते ग्रुप के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap)में एक ही दिन में₹1.4लाख करोड़की भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका के कोर्ट और नियामक संस्थाओं के सख्त रुख ने निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल पैदा कर दिया है,जिसके चलते यह सुनामी आई।एक खबर और बिखर गया पूरा ग्रुप: क्या है गिरावट का मुख्य कारण?इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC)का न्यूयॉर्क की एक अदालत में दिया गया नया आवेदन है।SECने कोर्ट से अडानी ग्रुप के चेयरमैनगौतम अडानीऔर उनके भतीजेसागर अडानीकोईमेल के जरिए समनभेजने की विशेष अनुमति मांगी है।SEC ने कोर्ट को बताया कि भारत के अधिकारियों ने आधिकारिक चैनलों (Mutual Legal Assistance Treaty)के जरिए समन भेजने के अनुरोध को प्रक्रियात्मक आधार पर खारिज कर दिया है। अबSECकानूनी प्रक्रिया को सीधे ईमेल के जरिए आगे बढ़ाना चाहता है,जिसे निवेशक एक बड़े संकट के रूप में देख रहे हैं।क्या हैं अडानी ग्रुप पर लगे₹2,200करोड़ की रिश्वत के आरोप?यह पूरा मामला नवंबर2024में उजागर हुए उस कथित घोटाले से जुड़ा है,जिसमें अडानी ग्रुप पर बड़े आरोप लगे हैं:रिश्वत का आरोप:सौर ऊर्जा के ठेके (Solar Energy Contracts)हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को लगभग$265मिलियन (₹2,200करोड़ से अधिक)की रिश्वत देने का आरोप है।निवेशकों को गुमराह करने का आरोप:अमेरिकी निवेशकों और कर्जदाताओं को गुमराह करके फंड जुटाने का भी गंभीर आरोप है।खराब नतीजों ने लगाई आग में घीइस कानूनी संकट के बीच,अडानी ग्रीन एनर्जी के निराशाजनक वित्तीय नतीजों ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है।चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में99%की भारी गिरावट दर्ज की गई है।पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को₹444करोड़का लाभ हुआ था,जो इस बार घटकर मात्र₹5करोड़रह गया है।आज किस शेयर में कितनी गिरावट? (23जनवरी 2026)आज के कारोबार में ग्रुप की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई:अडानी ग्रीन एनर्जी:लगभग15%लुढ़क गया।अडानी एंटरप्राइजेज:10%से ज्यादा टूटा।अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस:11%की भारी गिरावट।अडानी पोर्ट्स:करीब8%कमजोर हुआ।ग्रुप ने दी सफाई,लेकिन निवेशक घबराएअडानी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को एक बार फिर‘निराधार’बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रुप का कहना है कि वे कानून का पालन करने वाली कंपनी हैं और अमेरिकी अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि, बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि जब तक इस कानूनी विवाद का कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकलता,तब तक अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और सावधानी से निवेश करने की सलाह दी गई है।