बेंगलुरु में कुदरत का कहर! अस्पताल की दीवार गिरने से 7 की मौत, PM मोदी और CM ने किया मुआवजे का ऐलान
एबीपी लाइव April 30, 2026 10:12 PM

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार (29 अप्रैल) को भारी बारिश के चलते बोरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल की दीवार ढहने से एक बच्चे सहित सात लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की.

हादसे की क्या वजह?

पुलिस ने बताया कि तेज बारिश, तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि की वजह से इलाके में भारी तबाही मची, उसी दौरान एक दीवार के अचानक गिरने से उसके पास खड़े हुए लोग मलबे में दब गए, जिनमें से सात की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही फौरन पुलिस और आपातकालीन सेवा कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों की मदद से मलबे से शवों को बाहर निकाला.

घटनास्थल पहुंचे CM सिद्धरमैया

घटना की जानकारी मिलने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहद बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के मुख्य आयुक्त एम महेश्वर राव और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के साथ घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. सिद्धरमैया ने इस त्रासदी के लिए जीबीए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया.

मुख्यमंत्री ने दिए हादसे की जांच के आदेश

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा, 'सात लोगों की मौत हो गई है, सात अन्य लोग घायल हुए हैं. सभी की हालत स्थिर है. सभी खतरे से बाहर हैं. मैंने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि वे सभी का इलाज मुफ्त में करें.' उन्होंने कहा, 'मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. दुर्भाग्यवश, जान गंवाने वाले बहुत गरीब रेहड़ी-पटरी वाले हैं.' सिद्धरमैया ने कहा कि दीवार ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी. उन्होंने कहा, 'हम इस बात की जांच करेंगे कि क्या अभियंताओं की गलती है. अगर वह दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

मुख्यमंत्री के मुताबिक, परिसर के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था. ठेकेदार परिसर की दीवार के सहारे मिट्टी डाल रहा था. उन्होंने कहा कि डाली गई मिट्टी के दबाव के कारण दीवार ढह गई होगी. सिद्धरमैया ने कहा, 'प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह उस दबाव के कारण गिरा है, इसलिए मैंने अभियंताओं – कार्यकारी इंजीनियर और सहायक कार्यकारी इंजीनियर से पूछा है कि क्या उन्होंने यह जांच की थी कि यह कमजोर हुआ था या नहीं.'

उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री डी.के. शिवकुमार हादसे के समय दक्षिण बेंगलुरु के कनकपुरा में थे. वह भी बेंगलुरु पहुंचे और घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा, 'इस घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है. ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं. कई पेड़ गिर गए हैं और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं. मैं अधिकारियों को कमजोर पेड़ों को काटने का निर्देश दूंगा क्योंकि मानसून के दौरान ऐसी त्रासदी दोबारा होने का खतरा है.'

सुल्तानपुर में तेज आंधी-तूफान का कहर, अलग-अलग हादसों में 2 बच्चों समेत 7 की मौत, 21 लोग घायल

बीजेपी ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के विधायक आर अशोक ने कहा कि बारिश से बचने के लिए आश्रय लेने वाले बच्चों, रेहड़ी-पटरी वाले और राहगीरों सहित निर्दोष लोगों की मौत महज एक प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना नहीं है, 'यह सरासर प्रशासनिक लापरवाही से उपजे राज्य-प्रायोजित संकट है.' उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'कांग्रेस सरकार ‘ब्रांड बेंगलुरु’ के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं शहर के बीचोंबीच स्थित एक प्रमुख सरकारी अस्पताल की जर्जर दीवारें एक अलग ही कहीं अधिक भयावह कहानी बयां कर रही हैं. ऐसा लगता है कि इस कांग्रेस सरकार के लिए गरीबों और आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है.'

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार (29 अप्रैल) को बेंगलुरु में एक अस्पताल की दीवार गिरने की घटना में सात लोगों की मौत पर दुख जताया. उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50000 रुपये देने की घोषणा की. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा,'कर्नाटक के बेंगलुरु में दीवार गिरने से हुआ यह हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.' उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ​​मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50000 रुपये दिए जाएंगे.'

मल्लिकार्जुन खरगे बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री? CM पद को लेकर मचे बवाल के बीच गृह मंत्री जी. परमेश्वर का बड़ा बयान

 

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.