कपिल सिब्बल का बड़ा धमाका: 'ममता बनर्जी के दिमाग में क्या है, ये मैं कैसे बताऊं?'
UPUKLive Hindi May 07, 2026 02:42 AM

देश के दिग्गज वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों और उसके बाद पैदा हुई राजनीतिक स्थिति पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सिब्बल ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आते-जाते रहते हैं और हार-जीत तो खेल का हिस्सा है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे देश के संविधान और लोकतंत्र की हार नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नतीजों पर तंज कसते हुए कहा कि ‘जो जीता वही सिकंदर’ वाली बात तो ठीक है, लेकिन वह जीत किस तरह हासिल की गई और उसके पीछे क्या साजिशें थीं, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

प्रधानमंत्री मोदी के ‘बदलाव’ वाले बयान पर किया पलटवार

कपिल सिब्बल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनके पुराने बयानों की याद दिलाई। उन्होंने कहा, “जब बंगाल में बीजेपी की जीत हुई, तो प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम बदले की नहीं, बल्कि बदलाव की नीति अपनाते हैं। यह सुनने में बहुत अच्छा लगता है, लेकिन मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि 2014 के बाद से उन्होंने वाकई कौन सी नीति अपनाई?” सिब्बल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बहुमत वाली सरकारों को तोड़कर अपने पक्ष में सत्ता बनाई। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनी हुई सरकारों को गिराना ‘बदलाव’ की राजनीति है या फिर ‘बदले’ की?

ईडी के इस्तेमाल और मुख्यमंत्रियों की घेराबंदी पर उठाए सवाल

सिब्बल यहीं नहीं रुके, उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्षी मुख्यमंत्रियों के खिलाफ ईडी (ED) का इस्तेमाल किया गया, क्या वह देश को बदलने की राजनीति थी? सिब्बल के मुताबिक, यह सत्ता हथियाने के लिए किया गया बदलाव तो हो सकता है, लेकिन इसका देश के विकास या वास्तविक बदलाव से कोई लेना-देना नहीं है। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है।

ममता बनर्जी के इस्तीफे के सवाल पर सिब्बल की दोटूक

जब कपिल सिब्बल से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने वाले बयान पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने इस पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। सिब्बल ने कहा, “किसी व्यक्ति के दिमाग में क्या चल रहा है, इस पर मैं कैसे कुछ बोल सकता हूं? इस मामले पर मेरा कुछ भी बोलना ठीक नहीं होगा।” उन्होंने यह भी जिक्र किया कि मीडिया और सोशल मीडिया पर खबरें हैं कि ममता ने अपना बयान वापस ले लिया है, इसलिए यह सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए।

काल्पनिक सवालों और कानूनी विकल्पों पर क्या कहा?

जब पत्रकारों ने सिब्बल को घेरने की कोशिश की और पूछा कि मौजूदा स्थिति में कानूनी विकल्प क्या हो सकते हैं, तो उन्होंने अपनी चिरपरिचित शैली में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं ऐसे किसी भी सवाल का जवाब नहीं देने जा रहा जो पूरी तरह से काल्पनिक हो।” उनके इस रुख से साफ है कि वह फिलहाल इस संवेदनशील मुद्दे पर कानूनी पेचीदगियों में पड़ने के मूड में नहीं हैं। इस बीच, बंगाल में जीत से उत्साहित बीजेपी नेताओं ने दिल्ली के काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और राज्य में ‘सुशासन’ की सरकार बनाने का दावा किया।

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