समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चुनाव को लेकर एक दिलचस्प जानकारी साझा की। उन्होंने एक शक्तिशाली ज्योतिषी और ऋषि मुनि का उल्लेख करते हुए कहा कि अब वही होगा जो वे कहेंगे।
अखिलेश ने मुस्कुराते हुए बताया कि उनके पास एक अनुभवी ज्योतिषी हैं। उन्होंने कहा कि यह ज्योतिषी मन की गहराई को समझते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि ज्योतिषी ने उनसे कहा कि जो भी आप लिखेंगे, वह पूरा कर देंगे। अखिलेश ने अपने रजिस्टर में केवल दो बातें लिखीं: सपा सरकार बनवाना और उत्तर प्रदेश को खुशहाल बनाना। ज्योतिषी ने बिना देखे ही दोनों बातें बता दीं। इस पर अखिलेश ने कहा, 'सोचिए, मैंने केवल दो बातें लिखी थीं, और उन्होंने सही-सही बता दिया। पंडित जी जो कहेंगे, हम वही करेंगे।'
अखिलेश ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि जो भी उनके ज्योतिषी कहेंगे, वह वही करेंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वह बाल बढ़ाने को कहेंगे, तो वह बढ़ा लेंगे, और अगर बाल कटवाने को कहेंगे, तो वह कटवा लेंगे। जब उनसे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी तो इन बातों को नहीं मानती, तो उन्होंने कहा, 'हम न्यू समाजवादी हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि 2012 की तरह 2027 में भी समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने केदारेश्वर मंदिर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने घोषणा की कि राम मंदिर की तरह भाजपा नेताओं और सनातन धर्मियों से केदारेश्वर मंदिर के लिए भी पत्र लिखकर चंदा मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान सभी के हैं और इस संदर्भ में केदारेश्वर, बजरंगबली और शिव शक्ति रेखा का भी उल्लेख किया। यह संकेत दिया गया कि पार्टी अब आध्यात्मिक और धार्मिक पहलुओं को भी अपनी चुनावी रणनीति में शामिल करेगी।
अखिलेश यादव ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मीडिया से ऑफ द रिकॉर्ड बात न करने की सलाह दी। हालांकि, उन्होंने मजाक में कहा कि उनके कहने से कोई नहीं मानेगा। उन्होंने कहा कि कभी-कभी वह भी खबरें दे देते हैं। यह घटना पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है, जहां लोग अखिलेश के ज्योतिषी वाले बयान को 2027 की तैयारी का नया तरीका मान रहे हैं।