लखनऊ। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे से संबंधित एक बड़ी चोरी की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) अयोध्या पहुंची है। राज्य सरकार ने एक दिन पहले ही तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। एसआईटी सोमवार को दोपहर तीन बजे अयोध्या पहुंची और सीधे राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय में जाकर जांच शुरू की। इस दौरान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से जानकारी ली गई।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश पुलिस ने चढ़ावे की चोरी के मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर लगभग दो करोड़ रुपये की राशि बरामद की गई है, जबकि चोरी की कुल राशि सात से आठ करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी के अधिकारी ट्रस्ट के सदस्यों से पूछताछ कर रहे हैं, जिसमें ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई।
जांच के लिए अयोध्या पहुंचने से पहले, एसआईटी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की। विशेष जांच टीम में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन शामिल हैं। इस बीच, राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि अब मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच और सुधार दोनों पर काम किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
चढ़ावे की चोरी के मामले में अब तक पांच संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर शामिल हैं। इनकी निशानदेही पर अब तक दो करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। लवकुश और अनुकल्प को पुलिस हिरासत में लिया गया है।