शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है. लंबे समय से जिस नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पब्लिक इश्यू का इंतजार हो रहा था, वह अब हकीकत में बदलने जा रहा है. देश का यह बहुप्रतीक्षित आईपीओ अपने अगले व सबसे अहम चरण में प्रवेश कर चुका है. खबरों के मुताबिक कंपनी इसी हफ्ते कंपनी अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) बाजार नियामक के पास जमा कर सकती है. इस इश्यू का आकार और इसकी वैल्यूएशन इतनी बड़ी है कि यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे चर्चित पब्लिक ऑफरिंग में अपनी जगह पक्की कर लेगा.
जल्द ड्राफ्ट पर लग सकती है मुहरकिसी भी कंपनी को शेयर बाजार में उतरने से पहले निवेशकों के सामने अपनी पूरी वित्तीय स्थिति रखनी होती है, जिसे DRHP कहा जाता है. जल्द ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इस जरूरी ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जा सकता है. कागजी कार्रवाई पूरी होने के तुरंत बाद एक्सचेंज का बोर्ड एक अहम बैठक करेगा. इसी बैठक में इस ड्राफ्ट को आधिकारिक तौर पर फाइल करने की अंतिम मंजूरी दी जाएगी. इस दस्तावेज के सार्वजनिक होते ही निवेशकों को कंपनी के कारोबार, मुनाफे तथा भविष्य की रणनीतियों की सटीक जानकारी मिल जाएगी.
5 लाख करोड़ का विशाल साम्राज्यशुरुआती अनुमानों के अनुसार, NSE की कुल वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये से लेकर 5.25 लाख करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है. अगर इस आईपीओ के आकार की बात करें, तो यह कोई छोटा-मोटा इश्यू नहीं होने वाला है. खबर है कि कंपनी ऑफर फॉर सेल (OFS) के रास्ते अपनी 4% से 5% हिस्सेदारी बेच सकती है. इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार से 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम रकम जुटाई जा सकती है.
नवरात्रि से दिवाली के बीच हो सकती है लिस्टिंगआम निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह आईपीओ बाजार में कब तक दस्तक देगा. मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने इस साल नवंबर तक शेयर बाजार में लिस्ट होने का लक्ष्य रखा है. योजना कुछ इस तरह बनाई जा रही है कि नवरात्रि से लेकर दिवाली के त्योहारी सीजन के बीच लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. त्योहारी माहौल में आमतौर पर बाजार में सकारात्मकता रहती है, जिसका फायदा इस बड़े इश्यू को मिल सकता है. इससे पहले, निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए कंपनी बड़े स्तर पर रोडशो भी आयोजित करेगी.
तैयारियों में जुटी 20 बैंकरों की फौजइस महा-आईपीओ को सफल बनाने के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने पूरी ताकत झोंक दी है. प्रबंधन ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए 20 मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति की है. भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में किसी एक आईपीओ के लिए बैंकरों की यह अब तक की सबसे बड़ी टीम मानी जा रही है. इतना ही नहीं, कानूनी प्रक्रियाओं, रेगुलेटरी मंजूरियों व अनुपालन से जुड़ी बारीकियों को संभालने के लिए 8 बड़ी लॉ फर्म्स को भी इस काम में लगाया गया है. गौरतलब है कि सेबी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद इसी साल 6 फरवरी 2026 को कंपनी के बोर्ड ने इस बड़े कदम को हरी झंडी दिखा दी थी. हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने फिलहाल इस मामले पर इससे अधिक कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है.
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