Saturn Vakri 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता कहा जाता है. शनि लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल और दंड प्रदान करते हैं. ग्रहों में शनि का विशेष और महत्वपूर्ण स्थान है. शनि की चाल में होने वाला हर एक बदलाव ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस समय शनि देव गुरु बृहस्पति की मीन राशि में गोचर कर रहे हैं.हालांकि, सावन माह के पहले इसी राशि में उनकी चाल में बदलाव होगा.
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल भगवान शिव को समर्पित सावन माह 30 जुलाई से प्रारंभ होगा और 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन इस माह का समापन होगा. वहीं सावन से पहले शनि देव की चाल वक्री यानी उल्टी हो जाएगी. शनि मीन राशि में वक्री चाल चलेंगे. शनि 27 जुलाई से 138 दिनों के लिए मीन राशि में वक्री होंगे. शनि की वक्री चाल से सभी 12 राशि के जातक प्रभावित होंगे, लेकिन इस दौरान वृषभ, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों को विशेष लाभ हो सकता है.
वृषभ राशिशनि के वक्री होने के बाद वृषभ राशि वालों को अनुकूल परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. आय के नए रास्ते बन सकते हैं. करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं. पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है. समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है.
वृश्चिक राशिशनि के वक्री होने के बाद वृश्चिक राशि के जातकों के जीवन में सेहत से जुड़ी परेशानियां खत्म हो सकती हैं. रुके हुए कामों को इस समय गति मिल सकती है. धन लाभ के योग बन सकते हैं. निवेश के लिए ये समय बहुत ही अच्छा है. कारोबार की स्थिति इस समय अच्छी रह सकती है.
मकर राशिमकर राशि के स्वामी शनि देव ही हैं. ऐसे में इस समय मकर राशि वालों का साहस बढ़ सकता है. नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं. भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है. इस समय जीवन में भौतिक सुख बढ़ सकते हैं. आर्थिक स्थिति अच्छी रह सकती है.
मीन राशिमीन राशि में ही शनि वक्री होंगे. इस समय मीन राशि वालों का व्यक्तित्व निखर सकता है. धन से जुड़ी योजनाएं सफल हो सकती हैं. जीवन में कोई नया व्यक्ति प्रवेश कर सकता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.