150 मगरमच्छ, फिर भी लोगों में डर नहीं, गुजरात के इस गांव में इंसानों संग अनोखा रिश्ता
TV9 Bharatvarsh June 29, 2026 09:43 PM

Gujarat News: गुजरात के आनंद जिले के मलाताज गांव की एक झील इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो की वजह से चर्चा का केंद्र बनी हुई है. वीडियो में एक मादा मगरमच्छ अपने नन्हे शावकों के साथ शांत माहौल में नजर आ रही है. शावक पानी में बेखौफ तैरते और खेलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनकी मां उन पर लगातार नजर रखे हुए है. वन्यजीवों का यह दुर्लभ और मनमोहक दृश्य प्रकृति प्रेमियों को खासा आकर्षित कर रहा है.

मलाताज गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां स्थित झील में 150 से अधिक मगरमच्छ रहते हैं. इतनी बड़ी संख्या में मगरमच्छों की मौजूदगी के बावजूद गांव के लोगों और इन वन्यजीवों के बीच वर्षों से अनोखा सह-अस्तित्व देखने को मिलता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मगरमच्छ कभी भी गांववालों के लिए खतरा नहीं बने. यही वजह है कि ग्रामीण उन्हें ‘खतरनाक’ नहीं, बल्कि ‘मानव-मित्र’ के रूप में देखते हैं.

ग्रामीणों ने क्या कहा?

ग्रामीणों के अनुसार, मानसून के दौरान जब झील का जलस्तर बढ़ जाता है, तब कई बार मगरमच्छ गांव की गलियों तक पहुंच जाते हैं. हालांकि, वे किसी पर हमला किए बिना कुछ समय बाद फिर झील में लौट जाते हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि आज तक गांव में मगरमच्छ के हमले की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है. यही भरोसा गांव और मगरमच्छों के बीच बने इस अनोखे रिश्ते की पहचान बन चुका है.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मादा मगरमच्छ अपने बच्चों की सुरक्षा करती नजर आती है, जबकि छोटे-छोटे शावक पानी में मस्ती करते दिखाई देते हैं. इस प्राकृतिक दृश्य ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया है. बड़ी संख्या में लोग इस वीडियो को साझा कर रहे हैं और प्रकृति के इस अनोखे रूप की सराहना कर रहे हैं.

पर्यटकों के लिए बने आकर्षण का केंद्र

मलाताज गांव अब केवल आनंद जिले ही नहीं, बल्कि पूरे गुजरात में इंसानों और वन्यजीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व का एक जीवंत उदाहरण माना जाता है. यहां की झील और उसमें रहने वाले मगरमच्छ वन्यजीव प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहें और इंसान वन्यजीवों के व्यवहार का सम्मान करें, तो दोनों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है. मलाताज गांव की यह अनोखी मिसाल इसी संदेश को मजबूती से सामने लाती है.

इनपुट- गुजराती डेस्क

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