अमेरिकी नौसेना का MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर अरब सागर में इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुर्घटना में एक क्रू मेंबर लापता हो गया है, वहीं तीन अन्य घायल हैं. अमेरिकी नौसेना के बयान के मुताबिक, हेलीकॉप्टर 1 जुलाई को सुबह 3:30 बजे (EDT) दुर्घटनाग्रस्त हुआ. ये हेलीकॉप्टर USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (निमित्ज़-क्लास) एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात था. नौसेना ने अपने बयान में कहा कि ये हमले की वजह से नहीं हुआ था.
इसके लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है और लापता क्रू मेंबर की तलाश की जा रही है. नौसेना ने बताया कि हेलीकॉप्टर में चार क्रू मेंबर सवार थे, इनमें से तीन को घायल अवस्था में बचा लिया गया, जबकि एक अभी भी लापता है. लापता क्रू मेंबर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. नौसेना के मुताबिक, “इस इलाके में मौजूद अमेरिकी नौसेना के जहाज और दूसरे साधन अभी भी लापता क्रू सदस्यों की तलाश कर रहे हैं.” “घटना की वजह की जांच की जा रही है.”
यहां दो एयरक्राफ्ट तैनात थेईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच, USS जॉर्ज डब्ल्यू बुश मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना की तैनाती का एक अहम हिस्सा रहा है. यह अप्रैल 2026 से मध्य पूर्व इलाके में मौजूद है और इस क्षेत्र में तैनात अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है.
मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसेना का बेड़ा बहरीन में ‘नेवल सपोर्ट एक्टिविटी’ से ऑपरेट करता है. यह फिफ्थ फ्लीट फारस की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में सक्रिय है. यह बेड़ा संघर्ष वाले अहम इलाकों, जैसे होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) और बाब-अल-मंडेब (Bab el-Mandeb) में ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभालता है.
अमेरिकी सेना भी हाई अलर्ट परUS सेंट्रल कमांड ने 24 जून को बताया कि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश उन दो एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है जो मिडिल ईस्ट में काम कर रहे हैं. पानी पर हेलीकॉप्टर उतारना खतरनाक हो सकता है. यहां तक कि अनुभवी पायलटों के लिए भी, क्योंकि ऊपर की तरफ भारी होने के कारण ऐसे एयरक्राफ्ट पानी में डूबते समय उलटे पलट सकते हैं.
US और ईरान के बीच सीजफायर के दौरान हिंसा की बीच-बीच में बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इस इलाके में अमेरिकी सेना भी हाई अलर्ट पर है. युद्ध खत्म करने के मकसद से एक मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर साइन करने के बाद, US और ईरान हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं और जहाजों को इलाके में आजादी से आने-जाने की इजाजत है. बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जुड़े इंतजाम, ईरानी बंदरगाहों पर US की नाकेबंदी और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और ईरान के पास मौजूद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार के भविष्य पर चर्चा शामिल है.