देश की राजधानी दिल्ली के ITO इलाके में जल्द ही आधुनिक ट्विन टावर सचिवालय नजर आएगा है. दिल्ली सरकार ने नए सचिवालय के निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस परियोजना की अनुमानित लागत तकरीबन 2,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा बताई जा रही है.
सरकार की योजना के तहत विकास मार्ग के दोनों ओर करीब 18 एकड़ जमीन पर 30-30 मंजिला दो टावर बनाए जाएंगे. इन दोनों टावरों को एक स्काईवॉक के जरिए जोड़ा जाएगा, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आना जाना आसान हो सके.
पुरानी बिल्डिंगों की जगह बनेगा नया कॉम्प्लेक्सदिल्ली सरकार के मुताबिक, इस परियोजना के लिए ITO क्षेत्र में मौजूद विकास भवन, डुसिब मुख्यालय और GST भवन परिसर को हटाकर नया सचिवालय कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा. इसके अलावा आयकर विभाग की तकरीबन 4.5 एकड़ जमीन भी इस प्रोजेक्ट में शामिल की जाएगी. बदले में आयकर विभाग को नए टावरों में करीब 10 लाख वर्ग फुट जगह उपलब्ध कराई जाएगी.
एक छत के नीचे होंगे सभी विभागों के दफ्तरदिल्ली सरकार के मुताबिक, इस नए सचिवालय का मुख्य उद्देश्य दिल्ली सरकार के सभी विभागों को एक ही जगह पर लाना है. फिलहाल दिल्ली सरकार के विभाग अलग-अलग इमारतों में चल रहे हैं, जिससे कामकाज में समय लगता है. नए कॉम्प्लेक्स के बनने से फाइलों की आवाजाही तेज होगी और प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी. इंटीग्रेटेड सचिवालय के जरिए समय की बचत होगी और कामकाज में तेजी आएगी. इसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया गया है, जिसे 1 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है.
8-10 साल में पूरा होगा प्रोजेक्टसरकार के मुताबिक, इस परियोजना का निर्माण 2 चरणों में 8 से 10 वर्षों में पूरा किया जाएगा. हर चरण को पूरा करने में तकरीबन 48 महीने का समय लगेगा. टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली को एक आधुनिक, एकीकृत और हाई-टेक प्रशासनिक केंद्र मिलेगा, जो कामकाज को अधिक प्रभावी और तेज बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.