MBBS Admission Counselling 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. तो वहीं इससे पूर्व ही नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) MBBS सीट मैट्रिक्स 2026 जारी कर चुका है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले इस साल MBBS की सीटों में बढ़ोतरी की गई है. मसलन, इस साल MBBS की 9000 से अधिक सीटें बढ़ाई गई हैं. इसी कड़ी में नीट यूजी 2026 में सफल हुए कैंडिडेट्स को मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन का इंतजार है.
आइए, इसी कड़ी में जानते हैं कि मेडिकल कॉलेजों की MBBS सीटों में एडमिशन का प्रोसेस क्या है. जानते हैं कि MBBS सीटों में एडमिशन का प्रोसेस क्या है. मसलन, जानते हैं कि MBBS में एडमिशन के लिए कितने तरह की काउंसलिंग आयोजित की जाती है और कितने राउंड की काउंसलिंग का आयोजन किया जाता है.
MBSS में एडमिशन के लिए होती है काउंसलिंग, नीट स्कोर वालों काे मौकादेश के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन का प्रोसेस समझते हैं. असल में देश के सभी मेडिकल काॅलेजों की MBBS सीटों में एडमिशन काउंसलिंग के माध्यम से मिलता है. इस काउंसलिंग में वे ही कैंडिडेट्स शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने काउंसलिंग वर्ष की नीट यूजी पास की हो. मसलन, MBBS काउंसलिंग 2026 में नीट यूजी 2026 में पास होने वाले कैंडिडेट्स ही शामिल हो सकते हैं.
MBBS में एडमिशन के लिए दो तरह की काउंसलिंगदेश में MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए मुख्य तौर पर दो तरह की काउंसलिंग आयोजित की जाती हैं, लेकिन कई काउंसलिंग इसके लिए आयोजित की जाती हैं. दो तरह की काउंसलिंग को समझें तो MBBS में एडमिशन के लिए मुख्य तौर पर ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग और स्टेट कोटा काउंसलिंग आयोजित की जाती है. प्रत्येक स्टेट अपने स्तर पर काउंसलिंग का आयोजन किया जाता है. इस तरह से स्टेट काउंसलिंग बहुत सारी होती हैं. आइए, काउंसलिंग के बारे में बारे में विस्तार से जानते हैं.
ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग: MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग का आयोजन केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की तरफ से किया जाता है. इस काउंसलिंग के आधार पर AIIMS, JIPMER जैसे केंद्रीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटों का आंवटन किया जाता है. तो वहीं राज्यों के मेडिकल कॉलेजों की 15 फीसदी MBBS सीटें भी ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग के माध्यम से आवंटित की जाती हैं.
स्टेट कोटा काउंसलिंग: MBBS की सीटों में एडमिशन के लिए दूसरे काउंसलिंग को स्टेट कोटा काउंसलिंग के नाम से जाना जाता है. इसका आयोजन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय या उससे संबंधित एजेंसी की तरफ से किया जाता है. प्रत्येक राज्य सरकार अलग-अलग काउंसलिंग आयोजित करती है.इस काउंसलिंग के माध्यम से राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों की 85 फीसदी MBBS सीटों में एडमिशन दिया जाता है.
MBBS में एडमिशन के लिए काउंसलिंग के4 राउंडMBBS सीटों में एडमिशन के लिए काउंसलिंग के 4 राउंड आयोजित किए जाते हैं. ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा से एडमिशन के लिए होने वाली काउंसलिंग में 4 राउंड आयोजित किए जाते हैं. आइए जानते हैं कि किस राउंड की काउंसलिंग में क्या होता है.
पहले राउंड की काउंसलिंग: पहले राउंड की काउंसलिंग में कैंडिडेट्स को पहले रजिस्ट्रेशन कराना हाेता है. इसके बाद चॉइस फिलिंग की जाती है. इसके आधार पर सीटों का आवंटन किया जाता है. कैंडिडेट्स आंवटित सीट पर सीट एडमिशन ले सकते हैं. पंसद ना आने पर सीट अपग्रेड कर सकते हैं. इसके साथ ही सीट फ्रीज करा कर अगले राउंड के लिए शामिल हो सकते हैं.
दूसरे राउंड की काउंसलिंग: दूसरे राउंड की काउंसलिंग में MBBS के पहले राउंड में बीच हुई सीटों का आवंटन किया जाता है.
माॅप अप राउंड की काउंसलिंग: मॉप अप राउंड को तीसरे राउंउ की काउंसलिंग भी कहा जाता है. पहले और दूसरे राउंड में बची हुई सीटों में एडमिशन के लिए मॉप अप राउंड की काउंसलिंग आयोजित की जाती है.
स्ट्रे राउंड काउसलिंग: मॉप अप राउंड में बची हुई सीटों को भरने के लिए स्ट्रे राउंड काउसलिंग का आयोजन किया जाता है. कई बार बेहद कम स्कोर में इस राउंड में एडमिशन दिया जाता है.