ईरान के पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहसिन रजाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों में उसे अपनी हरकतों का परिणाम भुगतना पड़ सकता है। रजाई, जो वर्तमान में ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार हैं, ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि अमेरिका की गतिविधियाँ जारी रहीं, तो ईरान अपने युद्ध की रणनीति में बदलाव कर सकता है, जिससे संघर्ष यूरोप तक फैल सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान का नया युद्ध का तरीका क्या होगा, लेकिन उनके बयान ने कई अटकलों को जन्म दिया है।
मोहसिन रजाई के बयान का महत्व इसलिए भी है क्योंकि ईरान की सरकार या आईआरजीसी आमतौर पर युद्ध की रणनीतियों पर खुलकर चर्चा नहीं करती। रजाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि जल्द ही उसे पछतावा होगा। इस पर सोशल मीडिया पर कई थ्योरीज़ चल रही हैं।
कुछ जानकारों का मानना है कि ईरान के पास अमेरिका के यूरोप में मौजूद संपत्तियों पर हमले की क्षमता हो सकती है। इसके अलावा, ईरान के मीडिया में यह भी चर्चा है कि यदि अमेरिका ने अपनी गतिविधियाँ नहीं रोकीं, तो ईरान सऊदी अरब में मदीना के पास यंबू तेल पाइपलाइन को निशाना बना सकता है।
ईरान ने अमेरिका को दो दिन की मोहलत दी है, जिसके बाद यूरोप तक हमले की संभावना बढ़ गई है। कुवैत में ईरान ने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हमले किए हैं, जिसमें पावर प्लांट और अमेरिकी सेना के बेस शामिल हैं।
कुवैत के अलसुबिया पावर जनरेशन और वाटर डिसलिनेशन प्लांट पर ईरान ने एक भीषण मिसाइल हमला किया, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। कुवैती प्रशासन को तुरंत बिजली आपूर्ति में बदलाव करना पड़ा।