सरकारी सूत्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के निवास के बाहर कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन की निंदा की है, इसे अलोकतांत्रिक और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। सरकार ने कहा कि विपक्षी दल ने इस तरह का प्रदर्शन करके एक गलत और खतरनाक मिसाल पेश की है।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि विकसित लोकतंत्रों में इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन नहीं होते हैं और चेतावनी दी कि राजनीतिक नेताओं के आवासों को निशाना बनाना गंभीर परिणाम ला सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करके एक अत्यंत गलत और खतरनाक मिसाल कायम की है। यह न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इस तरह का द्वेषपूर्ण व्यवहार परिपक्व लोकतंत्रों में नहीं देखा जाता।
सरकारी सूत्रों ने बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण दिया, जहां प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के घरों और कार्यालयों में घुसपैठ की। उन्होंने याद दिलाया कि अगस्त 2024 में प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के आधिकारिक आवास पर धावा बोला था। नेपाल में भी राजनीतिक अशांति के दौरान पूर्व प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों के घरों को निशाना बनाया गया।
मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर नीट पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दिया। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य बड़े नेता भी शामिल हुए।
अंततः पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया और अन्य प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।