देश की बड़ी FMCG कंपनियों में शुमार नेस्ले इंडिया को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए 975 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट बताया. यह पिछले साल की इसी तिमाही के 660 करोड़ रुपए के प्रॉफिट के मुकाबले 48 फीसदी ज्यादा है. नेस्ले ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 6,378 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 5,096 करोड़ रुपए के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा है. तिमाही के लिए एबिटडा 1,538 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 1,100 करोड़ रुपए से 40 फीसदी ज्यादा है.
तिमाही के लिए मार्जिन 250 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 24.2 फीसदी हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 21.6 फीसदी देखने को मिला था. नेस्ले ने कहा कि कमोडिटी मार्केट में मिली-जुली स्थिति बनी हुई है. ब्राजील और वियतनाम में ज्यादा प्रोडक्शन की वजह से कॉफी की सप्लाई अच्छी रहने की उम्मीद है, हालांकि फंड एक्टिविटी और ब्राजील में फसल कटाई में मौसम से जुड़ी देरी के कारण शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
कोको और चीनी की कीमतें दबाव में हैं. कोको पर मुख्य उत्पादक क्षेत्रों में अनियमित बारिश का असर पड़ा है, जबकि चीनी की कीमतें उम्मीद से कम फसल के अनुमान के बाद बढ़ी हैं. अल-नीनो से जुड़े असमान मानसून की स्थिति भी अगली फसल के लिए जोखिम पैदा कर रही है. खाने के तेल की कीमतें स्थिर लेकिन ऊंची बनी हुई हैं, जबकि गेहूं और दूध की कीमतें एक दायरे में रहने की उम्मीद है. डेयरी-बेस्ड प्रोटीन समेत प्रोटीन कॉम्प्लेक्स पर महंगाई का दबाव बना हुआ है, क्योंकि न्यूट्रिशन और प्रोटीन फोर्टिफिकेशन ट्रेंड्स की वजह से मांग सप्लाई की तुलना में तेज़ी से बढ़ रही है.
नेस्ले का अलग-अलग सेगमेंट में परफॉर्मेंसतिमाही नतीजों के बाद नेस्ले इंडिया के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली. आंकड़ों को देखें तो कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयर 52 हफ्तों के हाई पर दिखाई दिए. कंपनी का शेयर करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ 1509.75 रुपए के साथ रिकॉर्ड लेवल पर आ गए. जबकि एक दिन पहले कंपनी के शेयर 1453 रुपए पर थे. दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर कंपनी का शेयर 1.36 फीसदी की तेजी के साथ 1472.80 रुपए पर कारोबार कर रहा है. मौजूदा साल में कंपनी के शेयरों में करीब 14 फीसदी की तेजी देखने को मिल चुकी है.