ईरान का खौफ या कोई और वजह? तुर्किए दौरे पर जाने के दौरान ट्रंप के विमान ने बदला रास्ता
आशुतोष प्रताप सिंह July 27, 2026 04:12 AM

मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्किए यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान समर्थित समूहों से मिले विश्वसनीय खतरे के इनपुट के बाद ट्रंप को बीच दौरे में अपना विमान बदलना पड़ा. बताया गया कि खतरा सीधे ट्रंप और उनके विमान को निशाना बनाकर था. सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें नए विमान की जगह पुराने एयर फोर्स वन से रवाना होने की सलाह दी.

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए तुर्किए की राजधानी अंकारा पहुंचे थे. वह कतर की ओर से दान में मिले नए बोइंग 747-8 विमान से वहां पहुंचे थे, लेकिन यात्रा के दौरान अमेरिकी एजेंसियों को ईरान समर्थित समूहों की ओर से गंभीर खतरे की सूचना मिली. इसके बाद सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप को तुरंत नया विमान छोड़कर पुराने एयर फोर्स वन से वापस लौटने की सलाह दी.

रिपोर्ट में बताया गया है कि जैसे ही अमेरिकी सरकार को इस खतरे की खुफिया जानकारी मिली, सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए विमान बदलने का फैसला लिया. अधिकारियों के मुताबिक, खतरा केवल नए बोइंग 747-8 से नहीं था, बल्कि ट्रंप और जिस भी विमान से वह यात्रा कर रहे थे, उसे निशाना बनाया जा सकता था.

शुरुआत में व्हाइट हाउस ने विमान बदलने के फैसले को सामान्य प्रक्रिया बताया था. हालांकि अब अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि यह फैसला ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरे को देखते हुए लिया गया था. उस समय ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उन्होंने विमान इसलिए बदला ताकि ब्रिटेन में तैनात अमेरिकी सैनिक नए विमान का दौरा कर सकें. उन्होंने इस फैसले को सुरक्षा से जोड़ने वाली अटकलों को भी खारिज कर दिया था.

इस घटना के बाद कतर की ओर से मिले नए बोइंग 747-8 विमान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. बताया जा रहा है कि इस विमान में पुराने एयर फोर्स वन की तरह अत्याधुनिक मिसाइल रोधी सुरक्षा प्रणाली मौजूद नहीं है. हाल ही में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने भी इस बात की ओर इशारा किया था. जब उनसे पूछा गया कि विमान में एंटी-मिसाइल सिस्टम नहीं है, तो उन्होंने कहा कि इसे जल्द ही पूरी तरह अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस कर दिया जाएगा.

करीब 14 साल पुराने इस विमान को राष्ट्रपति की सेवा में शामिल करने से पहले तेजी से और बड़े स्तर पर मॉडिफाई किया गया था. व्हाइट हाउस ने अब घोषणा की है कि इस वर्ष के अंत में विमान को अतिरिक्त सुरक्षा और तकनीकी अपग्रेड के लिए करीब एक महीने तक सेवा से बाहर रखा जाएगा.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि नया एयर फोर्स वन राष्ट्रपति की यात्रा के लिए पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन शरद ऋतु में इसमें अतिरिक्त अपग्रेड और सुरक्षा सुधार किए जाएंगे, जिनमें लगभग एक महीने का समय लगेगा. इस दौरान राष्ट्रपति पुराने एयर फोर्स वन का ही इस्तेमाल करेंगे.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तुर्किए दौरे के दौरान मिला खतरे का इनपुट, इजरायल की ओर से साझा की गई उन अलग खुफिया जानकारियों से अलग था जिनमें ईरान द्वारा ट्रंप को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई थी. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि इजरायल की ओर से दी गई कुछ जानकारियों का उद्देश्य ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए दबाव बनाना भी हो सकता था.

ट्रंप की तुर्किए यात्रा के समय अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले फिर से शुरू किए थे. इससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया था. सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने अपने ऊपर मंडरा रहे खतरों का जिक्र करते हुए कहा था, "वे अमेरिका के नेता को खत्म करना चाहते हैं, यानी मुझे. मैं उनकी हर सूची में हूं. मैंने आज सुबह देखा कि मैं उनकी हर सूची में शामिल हूं. अब तक मैं थोड़ा भाग्यशाली रहा हूं, लेकिन यह किस्मत हमेशा साथ रहे, जरूरी नहीं."

इस बीच अमेरिकी सीक्रेट सर्विस का कहना है कि अमेरिका के शीर्ष नेताओं के खिलाफ खतरे का स्तर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर से पहले आयोजित कार्यक्रम में सीक्रेट सर्विस के निदेशक सीन करन ने कहा कि अपने 24 साल के करियर में उन्होंने इतने अधिक खतरे कभी नहीं देखे. उन्होंने कहा, "मौजूदा माहौल बेहद अस्थिर हो चुका है. सिर्फ हमारे संरक्षित नेताओं ही नहीं, बल्कि स्थानीय अधिकारियों के लिए भी खतरे लगातार बढ़े हैं. सुरक्षा चुनौतियां मेरे पूरे करियर में सबसे ज्यादा हैं."

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