Supreme Court के अंतरिम आदेश पर सीजेपी ने जताई चिंता, कहा-सरकार युवाओं से किए वादे निभाए
Indias News Hindi July 29, 2026 12:42 AM

New Delhi, 28 जुलाई . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने Supreme Court के अंतरिम आदेश को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर Supreme Court के आदेश से पूरे देश में चिंता पैदा होनी चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से आदेश के चौथे निर्देश का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें Governmentों को मौजूदा First Information Report पर आगे बढ़ने और जांच जारी रखने की अनुमति दी गई है, जिससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

सौरव दास ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि यह निर्देश India Government की ओर से युवाओं को दिए गए उस भरोसे के विपरीत है, जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज First Information Report वापस लेने और किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि इसी भरोसे और बातचीत के आधार पर सीजेपी ने अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन वापस लिया था.

सीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अब केंद्र Government और भाजपा शासित राज्य Governmentें Supreme Court के इस अंतरिम आदेश का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को जारी रखने के लिए कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उनकी चिंता रही है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को Political उद्देश्य के लिए निशाना बनाया जा सकता है.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि Government के वकीलों ने इस अंतरिम आदेश का विरोध क्यों नहीं किया, जबकि केंद्र Government और सीजेपी के बीच बातचीत का सिलसिला जारी था और प्रदर्शन खत्म करने को लेकर सहमति बनी थी. सौरव दास ने कहा कि इस पृष्ठभूमि की जानकारी के बिना आया आदेश उनके लिए स्वीकार्य नहीं है.

सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि हजारों छात्रों और युवाओं को दिए गए सार्वजनिक भरोसे को बाद की कानूनी प्रक्रिया के जरिए कमजोर नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों का संस्थानों पर विश्वास प्रभावित हो सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि Supreme Court के अंतरिम आदेश में ऐसा कुछ नहीं है जो केंद्र या राज्य Governmentों को First Information Report वापस लेने या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने से रोकता हो.

उन्होंने बिहार और असम Governmentों का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ राज्यों ने पहले ही ऐसे मामलों को वापस लेने की दिशा में कदम उठाए हैं. उन्होंने मांग की कि केंद्र Government और संबंधित भाजपा-एनडीए शासित राज्य Governmentें Supreme Court की कार्यवाही के दौरान प्रदर्शनकारियों से किए गए वादों को रिकॉर्ड पर रखें, ताकि मामले में पूरी पारदर्शिता बनी रहे.

सौरव दास ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का Political इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और Governmentों को अपने सार्वजनिक वादों का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने केंद्र Government से अपील की कि First Information Report वापस लेने और भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया जाए.

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर Government अपने वादों को पूरा नहीं करती है तो सीजेपी के पास छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों के समर्थन में देशव्यापी आंदोलन फिर से शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और वादों का सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है.

एससीएच/

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