Bhopal News: मध्य प्रदेश में मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हजारों किसान 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी की मांग को लेकर भोपाल की ओर कूच कर रहे हैं. राजधानी पहुंचने से पहले पुलिस ने मंडीदीप समेत कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर किसानों को रोक दिया. इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बताया जा रहा कि किसान फिलहाल भोपाल सीमा से करीब 20 से 30 किलोमीटर पहले प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की है, ताकि किसानों को राजधानी में प्रवेश से रोका जा सके.
कई जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे किसाननर्मदापुरम, हरदा, सीहोर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान आंदोलन में शामिल हुए हैं. किसानों का कहना है कि सरकार उनकी पूरी मूंग की फसल समर्थन मूल्य पर नहीं खरीद रही है. इसके कारण उन्हें अपनी उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है. किसानों का कहना है कि जब सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदी की घोषणा करती है तो सभी किसानों की पूरी उपज खरीदी जानी चाहिए. उनका आरोप है कि सीमित खरीदी के कारण कई किसानों को मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है.
क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?किसानों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं. उनकी सबसे बड़ी मांग है कि मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाए. इसके अलावा खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को आसान बनाने और खेती के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है. किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
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मूंग खरीदी पर राज्य और केंद्र के बीच बढ़ी खींचतानकिसानों के आंदोलन के बीच मूंग खरीदी को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच भी मतभेद सामने आए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राज्य में मूंग का उत्पादन अधिक होने का हवाला देते हुए खरीदी का कोटा बढ़ाने की मांग की है. राज्य सरकार का कहना है कि अधिक उत्पादन के कारण अतिरिक्त खरीदी की अनुमति दी जाए, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े.
केंद्र सरकार ने क्या कहा?केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्य सरकार को जवाब देते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश को पहले ही देश में सबसे बड़ा मूंग खरीदी कोटा दिया जा चुका है. केंद्र के अनुसार, ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश को 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदने की अनुमति दी गई है, जो पूरे देश में स्वीकृत 5.23 लाख मीट्रिक टन का लगभग 87 प्रतिशत है.
मंत्रालय का कहना है कि 16 जुलाई 2026 तक राज्य सरकार स्वीकृत 4.54 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग ही खरीद सकी है. यानी स्वीकृत लक्ष्य का लगभग 2 प्रतिशत ही खरीदा गया है. केंद्र सरकार ने राज्य से पहले मौजूदा स्वीकृत लक्ष्य के अनुसार खरीदी तेज करने को कहा है. साथ ही यह भी कहा है कि यदि पूरा कोटा खरीद लिया जाता है और उसके बाद अतिरिक्त जरूरत होती है तो नए प्रस्ताव पर नियमानुसार विचार किया जाएगा.
आंदोलन से बढ़ी राजनीतिक हलचलमूंग खरीदी का मुद्दा अब केवल किसानों की मांग तक सीमित नहीं रह गया है. राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच हो रहे पत्राचार के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है. विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि किसान संगठन लगातार 100 प्रतिशत खरीदी की मांग पर अड़े हुए हैं.
भोपाल की ओर बढ़ रहे किसानों को राजधानी में प्रवेश से पहले रोक दिया गया है. पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात हैं. स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं. दूसरी ओर किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं.