NEET विवाद के केंद्र सरकार ने देश के एंट्रेंस एग्जाम सिस्टम में बदलाव की कवायद शुरू कर दी है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 सदस्यीय टॉस्क फोर्स गठित की है. वहीं इस मामले पर मंगलवार को बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में मोदी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की जानकारी दी है. उन्होंने पेपर लीक समेत अन्य समस्याओं को पुरानी शिक्षा नीति का खामियाजा बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 में इसका उपचार किया गया है. उन्होंने कहा कि अब 3 घंटे के एंट्रेंस एग्जाम से स्टूडेंट्स का फ्यूचर तय नहीं होगा. NEP में स्टूडेंट्स के 360 डिग्री असेसमेंट की व्यवस्था की गई है.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में इस संबंध में क्या जानकारी दी है. उन्होंने कोचिंग सेंटर व्यवस्था को खत्म करने के लिए NEP 2020 में किए गए प्रावधानों के बारे में क्या जानकारी दी है?
पुरानी एजुकेशन नीति रट्टा मारने पर केंद्रित, कोचिंग सेंटर को बढ़ावा मिलाबीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि मौजूदा समय में देश का एंट्रेंस एग्जाम सिस्टम बुरी स्थिति हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए कांग्रेस सरकार की तरफ से लागू की गई पुरानी एजुकेशन नीति है. उन्होंने कहा कि पुरानी एजुकेशन नीति रट्टा मारक पढ़ने पर केंद्रित है.
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि वन टाइम, वन एग्जाम, स्टूडेंट्स का फ्यूचर डिसाइड करता है.तीन घंटे में पूरे साल का पढ़ा हुआ तय हो रहा है. जो कॉलेज में पढ़ते हैं, उसका कोई महत्व नहीं है. इसकी वजह से कोचिंग सेंटर बढ़ रहे हैं. पुराने सिस्टम में ये प्रॉब्लम है. नई एजुकेशन नीति में इसका उपचार किया गया है.
बोर्ड एग्जाम तक स्टूडेंट्स का 360 डिग्री असेसमेंट हाेगाबीजेपी नेता तेजस्वी सूर्या ने कहा कि नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन शुरू हो गया है, जिसका असर आने वाले कुछ सालों में दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा किआज रट्टा मारने की वजह से सबकुछ तय होता है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति में स्टूडेंट्स के 360 डिग्री असेसमेंट की व्यवस्था की गई है. आने वाले सालों में बोर्ड एग्जाम आने तक स्टूडेंट्स का असेसमेंटप्रोजेक्ट वर्क, रिसर्च, प्रॉब्लम सॉल्विंग समेत अन्य स्किल्स पर होगा.
उन्होंने कहा कि8वीं तक के स्टूडेंट्स को नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किताबें दे दी गई हैं. 9वीं क्लास के स्टूडेंट्स को इस साल दी जानी है. आने वाले सालों में 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को नई किताबें दी जाएंगी. ये स्टूडेंट्स, जब बाहर आएंगे, वह एंट्रेंस एग्जाम के दबाव में नहीं रहेंगे.
नई शिक्षा नीति के तहत बोर्ड एग्जाम री डिजाइनबीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत बोर्ड एग्जाम को री डिजाइन किया जाना है, जिसके तहत नई शिक्षा नीति में साल में दाे बोर्ड एग्जाम आयोजित कराने की व्यवस्था की गई है. सीबीएसई में 10वीं में दो बोर्ड एग्जाम के साथ इसकी शुरुआत हुई है, जिसमें बेस्ट स्कोर स्वीकारा जाएगा. ये लचीलापन दिया गया है.