
इंदौर, 9 मई . इंदौर के मालवा उत्सव में आयोजित ‘मैंगो जत्रा’ ने स्वाद, परंपरा और किसानों के सशक्तिकरण का एक जीवंत उत्सव पेश किया. यह जत्रा में बड़ी संख्या में नागरिकों को देवगढ़ और रत्नागिरी के मशहूर ‘हापुस’ आमों का स्वाद लेने के लिए आकर्षित किया.
मराठी सोशल ग्रुप द्वारा ‘रूरल हाट बाजार’ परिसर में आयोजित तीन दिवसीय मेले में शामिल हुए Chief Minister मोहन यादव ने इस आयोजन को राष्ट्रीय एकता और किसानों के कल्याण का प्रतीक बताया. ‘लोक संस्कृति मंच’ को सहयोग देने के लिए उन्होंने पांच लाख रुपए के आर्थिक अनुदान की घोषणा की.
लोक नर्तकों ने पारंपरिक तरीके से सीएम का स्वागत किया, जबकि हस्तशिल्प, कलाकृतियों और क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉलों ने उत्सव के आकर्षण को और बढ़ा दिया.
Chief Minister ने आम उत्पादकों से बातचीत की, स्टॉलों का निरीक्षण किया और देश के सबसे प्रतिष्ठित आमों को मालवा के हृदय तक लाने में उनके समर्पण की सराहना की.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के मेले किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य और ताजी उपज मिलना सुनिश्चित होता है. उन्होंने 24 आम उत्पादकों में से प्रत्येक के लिए 11,000 रुपए के प्रोत्साहन राशि की घोषणा की और इस उत्सव में उनकी लंबे समय से चली आ रही भागीदारी को सराहा.
सीएम ने कहा कि आम से बने स्वादिष्ट व्यंजनों, हस्तशिल्प और खादी उत्पादों के स्टॉलों से सजी ‘मैंगो जत्रा’ अब एक ऐसे अनोखे बाजार का रूप ले चुकी है, जहां संस्कृति, वाणिज्य और समुदाय का संगम होता है. यह इंदौर की विविधता और परंपराओं वाले शहर के रूप में पहचान को और समृद्ध करती है.
‘लोक संस्कृति मंच’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के ‘रजत जयंती’ (25वें वर्ष) संस्करण में Chief Minister ने पूरे India से आए उन कलाकारों की सराहना की, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता को एकता के एक सूत्र में पिरोया.
Chief Minister ने भांगड़ा, गरबा और बधाई जैसे लोक नृत्यों द्वारा निर्मित वातावरण को इतना मनमोहक बताया कि मानो स्वर्ग ही धरती पर उतर आया हो. उन्होंने कहा कि ‘मां अहिल्या’ के शहर में इन प्रतिष्ठित आमों का आगमन राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है.
‘मैंगो जत्रा’ में बड़ी संख्या में लोग उमड़े, जो आम से बने स्वादिष्ट व्यंजनों, जैसे आइसक्रीम, शेक, चटनी और जैम का स्वाद लेने के लिए उत्सुक थे. इसके साथ ही, यहां खादी के वस्त्र और हस्तनिर्मित उत्पादों के स्टॉल भी लगे थे. इस कार्यक्रम में कई प्रमुख नेताओं ने शिरकत की, जिनमें पूर्व Lok Sabha अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सहित अन्य विधायक, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.
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ओपी/डीकेपी